Saturday, September 30, 2023

ले हाथ ढाल तलवार



ले हाथ ढाल तलवार -
ले हाथ ढाल तलवार,
मुठ मजबूती ।
धर दे चामुंडा,
राजपूतो में मजबूती ।

मुगलो की फौज,
मेवाड़ देश चढ़ आई ।
गढ़ गेर लिया चित्तोड़,
घटा सु छाई।
मुगलो की जिसने,
दे डाली आहुति ।
धर दे चामुंडा,
राजपूतो में मजबूती 

हल्दी घाटी में जो, 
तलवार चलाई । 
गीतामा हो तुम्हारी, 
जगदम्बा मन माई |
स्वाहुवा गोर कम,
साणी चड़िबा रोका।
बिजली ज्यू चमके,
तेज खनक बा लागी ।

एक समय में,पृथ्वीराज
खांडा खड़काया।
आखियो से अँधा,
फिर भी बाण चलाया।

अब सुणलो धरकर ध्यान, 
सुनाऊ कहानी। 
ओ धरती पर किना, 
नाम झांसी की रानी ।
अब याद हमें,
महाराज की आती है।

आखियो से नदिया,
नीर धीर बहती है।
सारा पेहली,
मातमनाऊ आजा ।

सुते सेरो को, 
फिर से आन जगा जा ।
भक्ति मंडल,प्रस्तुति करता तेरी ।
 तुम सहाय करो,
 जगदम्बा मात माई |
 जगदम्बा मात माई जगदम्बा मात माई जगदम्बा मात