मन पवन दोय घोड़ी
tytytytr8787 jjyy9898985600 मन पवन दोय घोड़ी,
घोड़ी के पाँच बछेरा
पाँचों री वाग मरोड़, तेरा क्या लगेगा मौल,
क्या लगेगा मोल तेरा,
क्या लगेगा मोल,
साहेब साहेब बोल, तेरा क्या लगेगा मोल।
पाँच कोस पर चलणा, हाथ पाँव नहीं हिलणा,
दसवें की खिड़की खोल, तेरा क्या लगेगा मौल,
माया है जग ठगनी,
कोई मत जाणो अपनी,
माया की गुलामी छोड़, मनवा क्या लगेगा मौल,
क्या लगेगा मोल तेरा,
कबीर कहे समझावे,
गया वक्त नहीं आवे
मन की आँख्यां खोल, मनवा क्या लगेगा मौल,
क्या लगेगा मोल तेरा,
मन पवन दोय घोड़ी ,
घोड़ी के पाँच बछेरा,
पांचों री वाग मरोड़,
तेरा क्या लगेगा मोल, hjhjjjgh 76765 kjkjh 767654
|
|