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Tuesday, June 9, 2026



तेरी शरण में आयो दाता 
मुझको क्या फ़िकर  है। 
तुझको फिकर दुनिया की दाता 
लेता सबकी खबर है। 

१ विश्वपति विश्वम्भर दाता ,
पूरण सरासर है 
कोठी से ब्रह्मांड तक दाता 
शाह बड़ा जबर  है 

तेरी शरण में आयो दाता 
मुझको क्या फ़िकर  है। 

२ कर्मो के अनुसार पदारथ ,
पहुंचाता  घर घर है। 
कीड़ी से हाथी  तक दाता ,
देता सबको गुजर है। 

तेरी शरण में आयो दाता 
मुझको क्या फ़िकर  है। 

३ संसार भर के सारे  प्राणी ,
तेरे आधार पर है। 
तेरे दर से लेते दाता ,
करते सभी बसर हैं 

तेरी शरण में आयो दाता 
मुझको क्या फ़िकर  है। 

४ जिसको नहीं विश्वास तेरा ,
रोटा फिरता दर दर ,
अचलराम विश्वास कर के 
रहता बेफिकर है। 

तेरी शरण में आयो दाता 
मुझको क्या फ़िकर  है। 
तुझको फिकर दुनिया की दाता 
लेता सबकी खबर है।