Bhajan Satsang

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Thursday, June 4, 2026

  वैराग भजन

1 तेरी काया नगर का कौन धणी  
2 बीत गये दिन भजन बिना रे
3 करमा की रेखा न्यारी न्यारी
4 चलना है दूर मुसाफिर
5 मत कर काया को अभिमान  
6 झीनी रे झीनी चदरिया,
7 होशियार रहना रे नगर में
8 जोबन धन प्रामणा  दिन चारा 
9 जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी
10 सब चला चली का खेला
11 मत बांधो गठरिया 
12 क्या लेके आया बन्दे
13 इरे आंगणिया सखी कई
14 साधो ये मुरदों का गांव!
15 लोभीडो जाने रे सुन्दर मारी काया 
16 मत कर भोली आत्मा 
17 कंचन वाली काया ओ 
18 हँसा निकल गया काया से

at June 04, 2026
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